विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने फ़ार्स की खाड़ी की सहकारिता परिषद के घोषणापत्र की भर्त्सना करते हुए कहा है कि क्षेत्र में अनुचित नीतियों का समर्थन करने वालों को आम जनमत को जवाब देना होगा।
सैयद अब्बास मूसवी ने बुधवार को कहा कि क्षेत्र में अनुचित नीतियों का समर्थन करने वाले कुछ देशों को आम जनमत को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि इन देशों के समर्थन के कारण यमन, सीरिया और इराक़ में तकफ़ीरी आतंकवाद ने जन्म लिया और उनके इसी समर्थन के कारण विदेशी, फ़ार्स की खाड़ी में पहुंचे। इन देशों की नीतियों से क्षेत्र में तनाव कम करने में कितनी सहायता मिली है? विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पिछले वर्षों के दौरान ईरानी अधकारियों के व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि अतिक्रमण न करने का प्रस्ताव, क्षेत्रीय स्तर पर वार्ता और हुरमुज़ शांति योजना जैसे प्रस्ताव, ईरान की ओर से क्षेत्रीय सहयोग एवं सहकारिता के जीते-जागते प्रयास हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तीन द्वीपों बूमूसा, तुंबे कूचिक और तुंबे बुज़ुर्ग को ईरान का अटूट हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इन तीनों ईरानी द्वीपों के बारे में हस्तक्षेपपूर्ण बयान, हर स्थिति में भर्त्सना योग्य है और यह एतिहासिक एवं क़ानूनी वास्तविकता को प्रभावित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वे देश जिन्होंने परमाणु समझौते को विफल बनाने के लिए अथक प्रयास किये आज वे ईरान के वैध काम की आलोचना कर रहे हैं। सैयद अब्बास मूसवी ने फ़ार्स खाड़ी की सहकारिता परिषद के बयान में ईरान की जनता के विरुद्ध अमरीका के आर्थिक आतंकवाद के समर्थन की भर्त्सना करते हुए इस नीति को पड़ोसियों के साथ अच्छे संबन्धों की नीति के विपरीत बताया।